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अष्टावक्र उवाच
नास्ति स्वतन्त्रता स्त्रीणामस्वतन्त्रा हि योषित:।
प्रजापतिमतं ह्येतन्न स्त्री स्वातन्त्र्यमर्हति॥ १४॥
अनुवाद
अष्टावक्र बोले, "भद्र! स्त्रियों की स्वतन्त्रता सिद्ध नहीं हो सकती, क्योंकि उन्हें पराधीन माना गया है। प्रजापति का मत है कि स्त्रियाँ स्वतन्त्र रहने के योग्य नहीं हैं।"
Ashtavakra said, "Bhadra! The independence of women cannot be proved because they are considered dependent. Prajapati's opinion is that women are not fit to remain independent. 14.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥