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श्री महाभारत
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पर्व 13: अनुशासन पर्व
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अध्याय 20: अष्टावक्र मुनिका वदान्य ऋषिके कहनेसे उत्तर दिशाकी ओर प्रस्थान, मार्गमें कुबेरके द्वारा उनका स्वागत तथा स्त्रीरूपधारिणी उत्तरदिशाके साथ उनका संवाद
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श्लोक 96
श्लोक
13.20.96
सा स्त्री प्रोवाच भगवन् द्रक्ष्यसे देशकालत:।
वस तावन्महाभाग कृतकृत्यो भविष्यसि॥ ९६॥
अनुवाद
स्त्री बोली, 'प्रभु! आपको स्थान और समय के अनुसार अनुभव प्राप्त होगा। आप यहीं रहिए, आपको संतुष्टि मिलेगी।'॥96॥
The woman said, 'Lord! You will get the experience according to the place and time. You stay here, you will be satisfied.'॥ 96॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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