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mahabharat 13.20.71-72h: वहाँ उसने एक बूढ़ी औरत को देखा, जो साफ कपड़े पहने और सभी आभूषणों से सुसज्जित थी, और बिस्तर पर बैठी हुई थी।   |   mahabharat अध्याय 13.20: अष्टावक्र मुनिका वदान्य ऋषिके कहनेसे उत्तर दिशाकी ओर प्रस्थान, मार्गमें कुबेरके द्वारा उनका स्वागत तथा स्त्रीरूपधारिणी उत्तरदिशाके साथ उनका संवाद   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 20: अष्टावक्र मुनिका वदान्य ऋषिके कहनेसे उत्तर दिशाकी ओर प्रस्थान, मार्गमें कुबेरके द्वारा उनका स्वागत तथा स्त्रीरूपधारिणी उत्तरदिशाके साथ उनका संवाद  »  श्लोक 71-72h
 
 
श्लोक  13.20.71-72h 
तत्रापश्यज्जरायुक्तामरजोऽम्बरधारिणीम्॥ ७१॥
वृद्धां पर्यङ्कमासीनां सर्वाभरणभूषिताम्।
 
 
अनुवाद
वहाँ उसने एक बूढ़ी औरत को देखा, जो साफ कपड़े पहने और सभी आभूषणों से सुसज्जित थी, और बिस्तर पर बैठी हुई थी।
 
There he saw a decrepit old woman, dressed in clean clothes and adorned with all the ornaments, sitting on the bed. 71 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)