Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.20.61: महर्षि ने उस क्षेत्र में एक दिव्य स्वर्ण महल देखा, जो सभी प्रकार के रत्नों से जड़ा हुआ था। वह सुंदर भवन कुबेर के राजमहल से भी अधिक सुंदर, श्रेष्ठ और अद्भुत था। | mahabharat अध्याय 13.20: अष्टावक्र मुनिका वदान्य ऋषिके कहनेसे उत्तर दिशाकी ओर प्रस्थान, मार्गमें कुबेरके द्वारा उनका स्वागत तथा स्त्रीरूपधारिणी उत्तरदिशाके साथ उनका संवाद । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महर्षि ने उस क्षेत्र में एक दिव्य स्वर्ण महल देखा, जो सभी प्रकार के रत्नों से जड़ा हुआ था। वह सुंदर भवन कुबेर के राजमहल से भी अधिक सुंदर, श्रेष्ठ और अद्भुत था।
The Maharishi saw a divine golden palace in that region, studded with all kinds of gems. That beautiful house was more beautiful, superior and wonderful than even Kubera's royal palace. 61.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥