Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.20.51: तब भगवान अष्टावक्र बहुत प्रसन्न हुए और कुबेर से बोले - 'धनेश्वर! आपने मेरा यथोचित सम्मान किया है। अब मुझे आज्ञा दीजिए, मैं यहाँ से चला जाऊँगा।' | mahabharat अध्याय 13.20: अष्टावक्र मुनिका वदान्य ऋषिके कहनेसे उत्तर दिशाकी ओर प्रस्थान, मार्गमें कुबेरके द्वारा उनका स्वागत तथा स्त्रीरूपधारिणी उत्तरदिशाके साथ उनका संवाद । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब भगवान अष्टावक्र बहुत प्रसन्न हुए और कुबेर से बोले - 'धनेश्वर! आपने मेरा यथोचित सम्मान किया है। अब मुझे आज्ञा दीजिए, मैं यहाँ से चला जाऊँगा।'
Then Lord Ashtavakra became very happy and said to Kubera - 'Dhaneshwar! You have honoured me in a befitting manner. Now give me your permission, I will leave from here. 51.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥