श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 20: अष्टावक्र मुनिका वदान्य ऋषिके कहनेसे उत्तर दिशाकी ओर प्रस्थान, मार्गमें कुबेरके द्वारा उनका स्वागत तथा स्त्रीरूपधारिणी उत्तरदिशाके साथ उनका संवाद  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  13.20.49 
हार्योऽयं विषयो ब्रह्मन् गान्धर्वो नाम नामत:।
छन्दतो वर्ततां विप्र यथा वदति वा भवान्॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
ब्रह्मन्! यह 'गन्धर्व' नाम वाला नृत्य-गीत-विषय बड़ा ही मनोहर है; अतः यदि आपकी इच्छा हो तो यह आयोजन इसी प्रकार कुछ दिन और चलता रहे, अथवा हे ब्रह्मन्! आपकी जो आज्ञा हो, वही किया जाए॥ 49॥
 
Brahman! This dance-song theme which has been named 'Gandharva' is very fascinating; therefore, if you wish, this event may continue in this manner for a few more days or, O Brahmin! Whatever you command may be done.॥ 49॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)