श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 20: अष्टावक्र मुनिका वदान्य ऋषिके कहनेसे उत्तर दिशाकी ओर प्रस्थान, मार्गमें कुबेरके द्वारा उनका स्वागत तथा स्त्रीरूपधारिणी उत्तरदिशाके साथ उनका संवाद  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  13.20.48 
ततो वैश्रवणो राजा भगवन्तमुवाच ह।
साग्र: संवत्सरो जातो विप्रेह तव पश्यत:॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
तब राजा वैश्रवण (कुबेर) ने भगवान अष्टावक्र से कहा, 'हे ब्राह्मण, आपने यहां नृत्य देखते हुए एक वर्ष से कुछ अधिक समय व्यतीत कर दिया है।
 
Then King Vaishravana (Kubera) said to Lord Ashtavakra, 'O Brahmin, you have spent a little more than a year watching the dance here.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)