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mahabharat 13.20.26: अष्टावक्र बोले - ऐसा ही होगा, मैं यह शर्त पूरी करूँगा। हे महात्मन! आप जहाँ कहेंगे, मैं वहाँ अवश्य जाऊँगा। आपके वचन सत्य हों॥ 26॥   |   mahabharat अध्याय 13.20: अष्टावक्र मुनिका वदान्य ऋषिके कहनेसे उत्तर दिशाकी ओर प्रस्थान, मार्गमें कुबेरके द्वारा उनका स्वागत तथा स्त्रीरूपधारिणी उत्तरदिशाके साथ उनका संवाद   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 20: अष्टावक्र मुनिका वदान्य ऋषिके कहनेसे उत्तर दिशाकी ओर प्रस्थान, मार्गमें कुबेरके द्वारा उनका स्वागत तथा स्त्रीरूपधारिणी उत्तरदिशाके साथ उनका संवाद  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  13.20.26 
अष्टावक्र उवाच
तथास्तु साधयिष्यामि तत्र यास्याम्यसंशयम्।
यत्र त्वं वदसे साधो भवान् भवतु सत्यवाक्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
अष्टावक्र बोले - ऐसा ही होगा, मैं यह शर्त पूरी करूँगा। हे महात्मन! आप जहाँ कहेंगे, मैं वहाँ अवश्य जाऊँगा। आपके वचन सत्य हों॥ 26॥
 
Ashtavakra said – It will be so, I will fulfill this condition. O great man! I will definitely go wherever you say. May your words be true.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)