Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.20.17: वहाँ भगवान शिव के पार्षद असंख्य राक्षस और भूत-प्रेत आदि नाना प्रकार के मुखों वाले और नाना प्रकार के दिव्य श्रृंगार किए हुए हर्ष और प्रसन्नतापूर्वक नृत्य कर रहे होंगे॥ 17॥ | mahabharat अध्याय 13.20: अष्टावक्र मुनिका वदान्य ऋषिके कहनेसे उत्तर दिशाकी ओर प्रस्थान, मार्गमें कुबेरके द्वारा उनका स्वागत तथा स्त्रीरूपधारिणी उत्तरदिशाके साथ उनका संवाद । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ भगवान शिव के पार्षद असंख्य राक्षस और भूत-प्रेत आदि नाना प्रकार के मुखों वाले और नाना प्रकार के दिव्य श्रृंगार किए हुए हर्ष और प्रसन्नतापूर्वक नृत्य कर रहे होंगे॥ 17॥
There, innumerable demons and other ghosts and spirits, etc., having various types of faces and wearing various kinds of divine makeup, the associates of Lord Shiva, would be dancing in joy and delight.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥