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श्लोक  13.20.1 
युधिष्ठिर उवाच
यदिदं सहधर्मेति प्रोच्यते भरतर्षभ।
पाणिग्रहणकाले तु स्त्रीणामेतत् कथं स्मृतम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा, 'भरतश्रेष्ठ! विवाह के समय स्त्रियों के लिए सहधर्म की अवधारणा किस प्रकार समझाई गई है?'
 
Yudhishthira asked, 'Best of the Bharatas! How is this concept of co-religion explained for women during marriage?'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)