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mahabharat 13.2.94: बेटा, तुम्हारे प्रश्न के अनुसार मैंने तुम्हें वह अद्भुत कथा सुनाई है कि किस प्रकार पूर्वकाल में एक गृहस्थ ने मृत्यु पर विजय प्राप्त की थी।   |   mahabharat अध्याय 13.2: प्रजापति मनुके वंशका वर्णन, अग्निपुत्र सुदर्शनका अतिथिसत्काररूपी धर्मके पालनसे मृत्युपर विजय पाना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.2.94 
एतत् ते कथितं पुत्र मयाऽऽख्यानमनुत्तमम्।
यथा हि विजितो मृत्युर्गृहस्थेन पुराभवत्॥ ९४॥
 
 
अनुवाद
बेटा, तुम्हारे प्रश्न के अनुसार मैंने तुम्हें वह अद्भुत कथा सुनाई है कि किस प्रकार पूर्वकाल में एक गृहस्थ ने मृत्यु पर विजय प्राप्त की थी।
 
Son, in accordance with your question, I have told you the wonderful story of how a householder conquered death in the past.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)