Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.2.52: ब्राह्मण को बैठने के लिए आसन और पैर धोने के लिए जल देकर ओघवती ने उससे पूछा, 'हे ब्राह्मण, तुम्हें क्या चाहिए? मैं तुम्हें क्या दे सकती हूँ?'   |   mahabharat अध्याय 13.2: प्रजापति मनुके वंशका वर्णन, अग्निपुत्र सुदर्शनका अतिथिसत्काररूपी धर्मके पालनसे मृत्युपर विजय पाना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 2: प्रजापति मनुके वंशका वर्णन, अग्निपुत्र सुदर्शनका अतिथिसत्काररूपी धर्मके पालनसे मृत्युपर विजय पाना  »  श्लोक 52
 
 
श्लोक  13.2.52 
आसनं चैव पाद्यं च तस्मै दत्त्वा द्विजातये।
प्रोवाचौघवती विप्रं केनार्थ: किं ददामि ते॥ ५२॥
 
 
अनुवाद
ब्राह्मण को बैठने के लिए आसन और पैर धोने के लिए जल देकर ओघवती ने उससे पूछा, 'हे ब्राह्मण, तुम्हें क्या चाहिए? मैं तुम्हें क्या दे सकती हूँ?'
 
Having given the Brahmin a seat to sit and water to wash his feet, Oghavati asked him, 'O Brahmin, what do you need? What can I offer you?'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)