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mahabharat 13.2.5: नरेश्वर! प्रजापति मनु के एक पुत्र थे, जिनका नाम इक्ष्वाकु था। राजा इक्ष्वाकु सूर्य के समान तेजस्वी थे। उन्होंने सौ पुत्रों को जन्म दिया।   |   mahabharat अध्याय 13.2: प्रजापति मनुके वंशका वर्णन, अग्निपुत्र सुदर्शनका अतिथिसत्काररूपी धर्मके पालनसे मृत्युपर विजय पाना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 2: प्रजापति मनुके वंशका वर्णन, अग्निपुत्र सुदर्शनका अतिथिसत्काररूपी धर्मके पालनसे मृत्युपर विजय पाना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  13.2.5 
मनो: प्रजापते राजन्निक्ष्वाकुरभवत् सुत:।
तस्य पुत्रशतं जज्ञे नृपते: सूर्यवर्चस:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
नरेश्वर! प्रजापति मनु के एक पुत्र थे, जिनका नाम इक्ष्वाकु था। राजा इक्ष्वाकु सूर्य के समान तेजस्वी थे। उन्होंने सौ पुत्रों को जन्म दिया।
 
Nareshwar! Prajapati Manu had a son, whose name was Ikshvaku. King Ikshvaku was as bright as the Sun. She gave birth to a hundred sons. 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)