Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.19.20-21: "चाक्षुष मनु के पुत्र भगवान वृष्टिष्ठ नाम से विख्यात हैं। एक बार, अकल्पनीय पराक्रमी शतक्रतु इंद्र के लिए एक हज़ार वर्षों तक चलने वाला यज्ञ हो रहा था। मैं उसमें रथंतर साम का पाठ कर रहा था। जब मैंने वह साम पढ़ा, तो वृष्टिष्ठ ने मुझसे कहा, 'हे श्रेष्ठ ब्राह्मण! आप रथंतर साम का पाठ ठीक से नहीं कर रहे हैं।'" | mahabharat अध्याय 13.19: शिवसहस्रनामके पाठकी महिमा तथा ऋषियोंका भगवान् शंकरकी कृपासे अभीष्ट सिद्धि होनेके विषयमें अपना-अपना अनुभव सुनाना और श्रीकृष्णके द्वारा भगवान् शिवजीकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वरिष्ठो नाम भगवांश्चाक्षुषस्य मनो: सुत:।
शतक्रतोरचिन्त्यस्य सत्रे वर्षसहस्रिके॥ २०॥
वर्तमानेऽब्रवीद् वाक्यं साम्नि ह्युच्चारिते मया।
रथन्तरे द्विजश्रेष्ठ न सम्यगिति वर्तते॥ २१॥
अनुवाद
"चाक्षुष मनु के पुत्र भगवान वृष्टिष्ठ नाम से विख्यात हैं। एक बार, अकल्पनीय पराक्रमी शतक्रतु इंद्र के लिए एक हज़ार वर्षों तक चलने वाला यज्ञ हो रहा था। मैं उसमें रथंतर साम का पाठ कर रहा था। जब मैंने वह साम पढ़ा, तो वृष्टिष्ठ ने मुझसे कहा, 'हे श्रेष्ठ ब्राह्मण! आप रथंतर साम का पाठ ठीक से नहीं कर रहे हैं।'"
“The son of Chakshus Manu, the Lord is famous by the name of Vrishtishtha. Once, a yajna was being performed for the inconceivably powerful Shatakratu Indra, which was to last for a thousand years. I was reciting the Rathantar Sama in it. When I recited the Sama, Vrishtishtha said to me, 'O great Brahmin! You are not reciting the Rathantar Sama correctly.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥