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mahabharat 13.189.9-10h: श्रेष्ठ! इस प्रकार भरतवंश का भार वहन करने वाले शान्तनुनंदन काल में राजा भीष्म के अधीन हो गए ॥9 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 13.189: भीष्मजीका प्राणत्याग, धृतराष्ट्र आदिके द्वारा उनका दाह-संस्कार, कौरवोंका गंगाके जलसे भीष्मको जलांजलि देना, गंगाजीका प्रकट होकर पुत्रके लिये शोक करना और श्रीकृष्णका उन्हें समझाना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 189: भीष्मजीका प्राणत्याग, धृतराष्ट्र आदिके द्वारा उनका दाह-संस्कार, कौरवोंका गंगाके जलसे भीष्मको जलांजलि देना, गंगाजीका प्रकट होकर पुत्रके लिये शोक करना और श्रीकृष्णका उन्हें समझाना  »  श्लोक 9-10h
 
 
श्लोक  13.189.9-10h 
एवं स राजशार्दूल नृप: शान्तनवस्तदा॥ ९॥
समयुज्यत कालेन भरतानां कुलोद्वह:।
 
 
अनुवाद
श्रेष्ठ! इस प्रकार भरतवंश का भार वहन करने वाले शान्तनुनंदन काल में राजा भीष्म के अधीन हो गए ॥9 1/2॥
 
The best! In this way, Shantanunandan, who bore the responsibility of Bharatvansh, came under the rule of King Bhishma Kaal. 9 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)