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mahabharat 13.188.43: हे प्रभु! मैं आपको जानता हूँ। आप वही प्राचीन ऋषि नारायण हैं जो नरक के साथ बदरिकाश्रम में बहुत समय से निवास कर रहे हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.188: भीष्मके अन्त्येष्टि-संस्कारकी सामग्री लेकर युधिष्ठिर आदिका उनके पास जाना और भीष्मका श्रीकृष्ण आदिसे देहत्यागकी अनुमति लेते हुए धृतराष्ट्र और युधिष्ठिरको कर्तव्यका उपदेश देना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 188: भीष्मके अन्त्येष्टि-संस्कारकी सामग्री लेकर युधिष्ठिर आदिका उनके पास जाना और भीष्मका श्रीकृष्ण आदिसे देहत्यागकी अनुमति लेते हुए धृतराष्ट्र और युधिष्ठिरको कर्तव्यका उपदेश देना  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  13.188.43 
त्वां तु जानाम्यहं देवं पुराणमृषिसत्तमम्।
नरेण सहितं देव बदर्यां सुचिरोषितम्॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
हे प्रभु! मैं आपको जानता हूँ। आप वही प्राचीन ऋषि नारायण हैं जो नरक के साथ बदरिकाश्रम में बहुत समय से निवास कर रहे हैं।
 
O Lord! I know you. You are the same ancient sage Narayana who has been residing in Badarikashram along with Naraka for a long time.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)