Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.188.19: हे गंगापुत्र! हे पुरुषोत्तम! हे महाबाहु! मैं युधिष्ठिर आपकी सेवा में उपस्थित होकर आपको प्रणाम करता हूँ। यदि आप मेरी बात सुन सकें, तो मुझे आज्ञा दीजिए कि मैं आपकी क्या सेवा करूँ?॥19॥ | mahabharat अध्याय 13.188: भीष्मके अन्त्येष्टि-संस्कारकी सामग्री लेकर युधिष्ठिर आदिका उनके पास जाना और भीष्मका श्रीकृष्ण आदिसे देहत्यागकी अनुमति लेते हुए धृतराष्ट्र और युधिष्ठिरको कर्तव्यका उपदेश देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे गंगापुत्र! हे पुरुषोत्तम! हे महाबाहु! मैं युधिष्ठिर आपकी सेवा में उपस्थित होकर आपको प्रणाम करता हूँ। यदि आप मेरी बात सुन सकें, तो मुझे आज्ञा दीजिए कि मैं आपकी क्या सेवा करूँ?॥19॥
Son of Ganga! O king of men! O mighty-armed one! I, Yudhishthira, am present in your service and salute you. If you can hear what I am saying, then order me what service I can render to you?॥19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥