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mahabharat 13.188.15: धर्मराज युधिष्ठिर ने दूर से भीष्म को बाणों की शय्या पर सोते हुए देखा और अपने भाइयों सहित रथ से उतर पड़े।   |   mahabharat अध्याय 13.188: भीष्मके अन्त्येष्टि-संस्कारकी सामग्री लेकर युधिष्ठिर आदिका उनके पास जाना और भीष्मका श्रीकृष्ण आदिसे देहत्यागकी अनुमति लेते हुए धृतराष्ट्र और युधिष्ठिरको कर्तव्यका उपदेश देना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 188: भीष्मके अन्त्येष्टि-संस्कारकी सामग्री लेकर युधिष्ठिर आदिका उनके पास जाना और भीष्मका श्रीकृष्ण आदिसे देहत्यागकी अनुमति लेते हुए धृतराष्ट्र और युधिष्ठिरको कर्तव्यका उपदेश देना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  13.188.15 
शयानं वीरशयने ददर्श नृपतिस्तत:।
ततो रथादवातीर्य भ्रातृभि: सह धर्मराट्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
धर्मराज युधिष्ठिर ने दूर से भीष्म को बाणों की शय्या पर सोते हुए देखा और अपने भाइयों सहित रथ से उतर पड़े।
 
Dharmaraja King Yudhishthira, seeing Bhishma sleeping on a bed of arrows from a distance, alighted from his chariot along with his brothers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)