Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.188.12: देवराज इन्द्र के समान वे अपनी राजधानी से निकले और यथासमय कुरूक्षेत्र में शान्तनुनन्दन भीष्मजी के पास पहुँचे। 12॥   |   mahabharat अध्याय 13.188: भीष्मके अन्त्येष्टि-संस्कारकी सामग्री लेकर युधिष्ठिर आदिका उनके पास जाना और भीष्मका श्रीकृष्ण आदिसे देहत्यागकी अनुमति लेते हुए धृतराष्ट्र और युधिष्ठिरको कर्तव्यका उपदेश देना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 188: भीष्मके अन्त्येष्टि-संस्कारकी सामग्री लेकर युधिष्ठिर आदिका उनके पास जाना और भीष्मका श्रीकृष्ण आदिसे देहत्यागकी अनुमति लेते हुए धृतराष्ट्र और युधिष्ठिरको कर्तव्यका उपदेश देना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  13.188.12 
निश्चक्राम पुरात् तस्माद् यथा देवपतिस्तथा।
आससाद कुरुक्षेत्रे तत: शान्तनवं नृप:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
देवराज इन्द्र के समान वे अपनी राजधानी से निकले और यथासमय कुरूक्षेत्र में शान्तनुनन्दन भीष्मजी के पास पहुँचे। 12॥
 
Like Devraj Indra, he came out of his capital and in due time reached Shantanunandan Bhishmaji in Kurukshetra. 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)