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mahabharat 13.187.12: समस्त प्रजा को सुखी रखो। मंत्रियों तथा अन्य प्रकृतियों को सुख दो। अपने मित्रों का यथायोग्य आदर करते रहो, उन्हें फल और आतिथ्य प्रदान करो। 12॥   |   mahabharat अध्याय 13.187: भीष्मकी अनुमति पाकर युधिष्ठिरका सपरिवार हस्तिनापुरको प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 187: भीष्मकी अनुमति पाकर युधिष्ठिरका सपरिवार हस्तिनापुरको प्रस्थान  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  13.187.12 
रञ्जयस्व प्रजा: सर्वा: प्रकृती: परिसान्त्वय।
सुहृद: फलसत्कारैरर्चयस्व यथार्हत:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
समस्त प्रजा को सुखी रखो। मंत्रियों तथा अन्य प्रकृतियों को सुख दो। अपने मित्रों का यथायोग्य आदर करते रहो, उन्हें फल और आतिथ्य प्रदान करो। 12॥
 
Keep all the subjects happy. Give solace to ministers and other natures. Keep honoring your friends as per your due respect with fruits and hospitality. 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)