Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.186.7: वह तिर्यग्योन या नरक में नहीं पड़ता, संकर योनि में जन्म नहीं लेता, दुःख से कभी नहीं डरता और मृत्यु के समय दुःखी नहीं होता ॥7॥ | mahabharat अध्याय 13.186: नित्यस्मरणीय देवता, नदी, पर्वत, ऋषि और राजाओंके नाम-कीर्तनका माहात्म्य । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तिर्यग्योनिं न गच्छेच्च नरकं संकराणि च।
न च दु:खभयं तस्य मरणे स न मुह्यति॥ ७॥
अनुवाद
वह तिर्यग्योन या नरक में नहीं पड़ता, संकर योनि में जन्म नहीं लेता, दुःख से कभी नहीं डरता और मृत्यु के समय दुःखी नहीं होता ॥7॥
He does not fall into Tiryagyon or hell, does not take birth in a hybrid form, is never afraid of sorrow and does not get distressed at the time of death. 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥