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mahabharat 13.186.36-37h: मैं तुम्हें उन सिद्ध ब्रह्मऋषियों के प्रसिद्ध नाम बताता हूँ जिन्होंने महान तप किया है और जो देवताओं के समक्ष मनुष्य को सब पापों से मुक्त कर देते हैं ॥36 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 13.186: नित्यस्मरणीय देवता, नदी, पर्वत, ऋषि और राजाओंके नाम-कीर्तनका माहात्म्य   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.186.36-37h 
देवतानन्तरं विप्रांस्तप:सिद्धांस्तपोऽधिकान्॥ ३६॥
कीर्तितान् कीर्तयिष्यामि सर्वपापप्रमोचनान्।
 
 
अनुवाद
मैं तुम्हें उन सिद्ध ब्रह्मऋषियों के प्रसिद्ध नाम बताता हूँ जिन्होंने महान तप किया है और जो देवताओं के समक्ष मनुष्य को सब पापों से मुक्त कर देते हैं ॥36 1/2॥
 
I tell you the famous names of the accomplished Brahmarishis who have done great penance and who free one from all sins in front of the gods. 36 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)