Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.186.35-36h: जो मनुष्य उपर्युक्त देवताओं आदि की स्तुति और नमस्कार करता है, वह सभी प्रकार के पापों और भय से मुक्त हो जाता है। जो मनुष्य देवताओं की स्तुति और नमस्कार करता है, वह सभी प्रकार के पापों से मुक्त हो जाता है। | mahabharat अध्याय 13.186: नित्यस्मरणीय देवता, नदी, पर्वत, ऋषि और राजाओंके नाम-कीर्तनका माहात्म्य । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य उपर्युक्त देवताओं आदि की स्तुति और नमस्कार करता है, वह सभी प्रकार के पापों और भय से मुक्त हो जाता है। जो मनुष्य देवताओं की स्तुति और नमस्कार करता है, वह सभी प्रकार के पापों से मुक्त हो जाता है।
The person who sings praises and salutes the above-mentioned deities etc., becomes free from all kinds of sins and fears. The person who praises and salutes the deities is freed from all kinds of sins. 35 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥