Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.184.5: प्रयत्न करने वाले भी असफल ही देखे जाते हैं। कुछ लोग धन कमाने के लिए सैकड़ों उपाय करते हैं और कुछ लोग गलत मार्ग पर चलकर धन के मामले में सुखी दिखाई देते हैं। ॥5॥   |   mahabharat अध्याय 13.184: युधिष्ठिरका विद्या, बल और बुद्धिकी अपेक्षा भाग्यकी प्रधानता बताना और भीष्मजीद्वारा उसका उत्तर   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 184: युधिष्ठिरका विद्या, बल और बुद्धिकी अपेक्षा भाग्यकी प्रधानता बताना और भीष्मजीद्वारा उसका उत्तर  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  13.184.5 
प्रयत्नं कृतवन्तोऽपि दृश्यन्ते ह्यफला नरा:।
मार्गत्यायशतैरर्थानमार्गश्चापर: सुखी॥ ५॥
 
 
अनुवाद
प्रयत्न करने वाले भी असफल ही देखे जाते हैं। कुछ लोग धन कमाने के लिए सैकड़ों उपाय करते हैं और कुछ लोग गलत मार्ग पर चलकर धन के मामले में सुखी दिखाई देते हैं। ॥5॥
 
Even the people who try are seen to be unsuccessful. Some try hundreds of ways to earn money and some walk on the wrong path and appear to be happy in terms of money. ॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)