एक एव चरेद् धर्मं न धर्मध्वजिको भवेत्।
धर्मवाणिजका ह्येते ये धर्ममुपभुञ्जते॥ ६१॥
अनुवाद
मनुष्य को केवल धर्म का ही पालन करना चाहिए। उसे धर्म का झंडाबरदार (अपने धर्म का दिखावा करने वाला) नहीं बनना चाहिए। जो लोग धर्म को आजीविका का साधन बनाते हैं और उसके नाम पर अपनी आजीविका चलाते हैं, वे धर्म के व्यापारी हैं। 61.
A man should follow the religion alone. He should not become a religious flag bearer (one who shows off his religion). Those who make religion a means of livelihood and earn their livelihood in its name are businessmen of religion. 61.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥