श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 183: धर्मके विषयमें आगम-प्रमाणकी श्रेष्ठता, धर्माधर्मके फल, साधु-असाधुके लक्षण तथा शिष्टाचारका निरूपण  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  13.183.51 
श्मश्रुकर्मणि मङ्गल्यं क्षुतानामभिनन्दनम्।
व्याधितानां च सर्वेषामायुषामभिनन्दनम्॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
मूँछ और दाढ़ी बनाते समय शुभ वचन बोलने चाहिए। छींकने वाले को (शतंजीव आदि कहकर) आशीर्वाद देना चाहिए और बीमार लोगों को दीर्घायु की कामना करके नमस्कार करना चाहिए ॥ 51॥
 
While shaving the moustache and beard, one should utter auspicious words. One should bless the person sneezing (by saying Shatanjiva etc.) and greet the sick people by wishing them a long life. ॥ 51॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)