श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 183: धर्मके विषयमें आगम-प्रमाणकी श्रेष्ठता, धर्माधर्मके फल, साधु-असाधुके लक्षण तथा शिष्टाचारका निरूपण  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  13.183.49 
स्वाध्याये भोजने चैव दक्षिणं पाणिमुद्धरेत्।
यच्छेद्वाङ्मनसी नित्यमिन्द्रियाणि तथैव च॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
पढ़ते और खाते समय दाहिना हाथ ऊपर रखना चाहिए तथा मन, वाणी और इन्द्रियों को सदैव वश में रखना चाहिए ॥ 49॥
 
One should raise one's right hand while studying and eating, and one should always keep one's mind, speech and senses under one's control. ॥ 49॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)