Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.183.45: वृद्धों का कभी अनादर न करें। उन्हें किसी काम के लिए न भेजें और यदि वे खड़े हों तो स्वयं भी न बैठें। ऐसा करने से उस व्यक्ति की आयु कम नहीं होती। ॥45॥ | mahabharat अध्याय 13.183: धर्मके विषयमें आगम-प्रमाणकी श्रेष्ठता, धर्माधर्मके फल, साधु-असाधुके लक्षण तथा शिष्टाचारका निरूपण । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वृद्धान् नाभिभवेज्जातु न चैतान् प्रेषयेदिति।
नासीन: स्यात् स्थितेष्वेवमायुरस्य न रिष्यते॥ ४५॥
अनुवाद
वृद्धों का कभी अनादर न करें। उन्हें किसी काम के लिए न भेजें और यदि वे खड़े हों तो स्वयं भी न बैठें। ऐसा करने से उस व्यक्ति की आयु कम नहीं होती। ॥45॥
Never disrespect old people. Do not send them for any work and if they are standing then you should also not sit. By doing this the life of that person is not reduced. ॥ 45॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥