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mahabharat 13.183.26: ब्राह्मणों का विशेष आदर करो और उनकी सेवा करो। यह जान लो कि यह सारा जगत् ब्राह्मणों से ही संचालित है॥ 26॥   |   mahabharat अध्याय 13.183: धर्मके विषयमें आगम-प्रमाणकी श्रेष्ठता, धर्माधर्मके फल, साधु-असाधुके लक्षण तथा शिष्टाचारका निरूपण   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 183: धर्मके विषयमें आगम-प्रमाणकी श्रेष्ठता, धर्माधर्मके फल, साधु-असाधुके लक्षण तथा शिष्टाचारका निरूपण  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  13.183.26 
ब्राह्मणानेव सेवस्व सत्कृत्य बहुमन्य च।
एतेष्वेव त्विमे लोका: कृत्स्ना इति निबोध तान्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
ब्राह्मणों का विशेष आदर करो और उनकी सेवा करो। यह जान लो कि यह सारा जगत् ब्राह्मणों से ही संचालित है॥ 26॥
 
Show special respect to the brahmins and serve them. Know that this whole world is sustained by the brahmins only.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)