श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 183: धर्मके विषयमें आगम-प्रमाणकी श्रेष्ठता, धर्माधर्मके फल, साधु-असाधुके लक्षण तथा शिष्टाचारका निरूपण  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  13.183.2 
निर्णये वा महाबुद्धे सर्वधर्मविदां वर।
प्रत्यक्षमागमो वेति किं तयो: कारणं भवेत् ॥ २॥
 
 
अनुवाद
हे धर्मज्ञों में सबसे बुद्धिमान पितामह! धार्मिक विषय का निर्णय करने के लिए प्रत्यक्ष प्रमाण या आगम का आश्रय लेना चाहिए। इन दोनों प्रमाणों में से कौन-सा प्रमाण सिद्धांत-निर्णय में प्रधान कारण है? 2॥
 
The most intelligent grandfather among all the religious people! To decide on a religious matter, one should take recourse to direct evidence or Agama. Which of these two evidences is the main reason in principle-decision? 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)