Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.181.5: तात! महातपस्वी प्रजापति ने अपनी तपस्या के अन्त में शतरुद्रिय को उत्पन्न किया और शंकरजी ने सम्पूर्ण प्राणियों की रचना की॥5॥   |   mahabharat अध्याय 13.181: श्रीकृष्णद्वारा भगवान‍् शङ्करके माहात्म्यका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 181: श्रीकृष्णद्वारा भगवान‍् शङ्करके माहात्म्यका वर्णन  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  13.181.5 
प्रजापतिस्तत् ससृजे तपसोऽन्ते महातपा:।
शङ्करस्त्वसृजत् तात प्रजा: स्थावरजङ्गमा:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
तात! महातपस्वी प्रजापति ने अपनी तपस्या के अन्त में शतरुद्रिय को उत्पन्न किया और शंकरजी ने सम्पूर्ण प्राणियों की रचना की॥5॥
 
Tat! At the end of his penance, the great ascetic Prajapati created Shatarudriya and Shankarji created all the living creatures. 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)