श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 181: श्रीकृष्णद्वारा भगवान‍् शङ्करके माहात्म्यका वर्णन  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  13.181.40 
स चन्द्रमा: स चेशान: स सूर्यो वरुणश्च स:।
स काल: सोऽन्तको मृत्यु: स यमो रात्र्यहानि च॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
वे चन्द्रमा हैं, वे ईशान हैं, वे सूर्य हैं, वे वरुण हैं, वे काल हैं, वे अन्तक हैं, वे मृत्यु हैं, वे यम हैं तथा वे रात और दिन हैं।
 
He is the Moon, He is Ishan, He is the Sun, He is Varuna, He is time, He is Antak, He is death, He is Yama and He is the night and the day.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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