श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 181: श्रीकृष्णद्वारा भगवान‍् शङ्करके माहात्म्यका वर्णन  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  13.181.39 
स वै रुद्र: स च शिव: सोऽग्नि: सर्व: स सर्वजित्।
स चैवेन्द्रश्च वायुश्च सोऽश्विनौ स च विद्युत:॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
वे रुद्र हैं, वे शिव हैं, वे अग्नि हैं, वे सर्वव्यापी और सर्वविजयी हैं। वे इन्द्र और वायु हैं, वे अश्विनीकुमार और विद्युत् हैं॥39॥
 
He is Rudra, he is Shiva, he is Agni, he is the all-pervading and all-conquering. He is Indra and Vayu, he is Ashwinikumar and Vidyut.॥ 39॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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