Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.181.28-30: उनके ऐसा कहने पर भगवान शिव ने ‘तथास्तु’ कहकर उनकी प्रार्थना स्वीकार कर ली और भगवान विष्णु को श्रेष्ठ बाण, अग्नि को उस बाण का दण्ड, वैवस्वत यम को पंख, समस्त वेदों को धनुष, गायत्री को श्रेष्ठ धनुष की डोरी तथा ब्रह्मा को सारथि बनाकर तथा उन सबको उनके-अपने कार्य के अनुसार नियुक्त करके, उस तीन पर्वतों तथा तीन बाणों से युक्त बाण से उन तीनों नगरों को बींध डाला। | mahabharat अध्याय 13.181: श्रीकृष्णद्वारा भगवान् शङ्करके माहात्म्यका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स तथोक्तस्तथेत्युक्त्वा कृत्वा विष्णुं शरोत्तमम्॥ २८॥
शल्यमग्निं तथा कृत्वा पुङ्खं वैवस्वतं यमम्।
वेदान् कृत्वा धनु: सर्वान् ज्यां च सावित्रिमुुत्तमाम्॥ २९॥
ब्रह्माणं सारथिं कृत्वा विनियुज्य च सर्वश:।
त्रिपर्वणा त्रिशल्येन तेन तानि बिभेद स:॥ ३०॥
अनुवाद
उनके ऐसा कहने पर भगवान शिव ने ‘तथास्तु’ कहकर उनकी प्रार्थना स्वीकार कर ली और भगवान विष्णु को श्रेष्ठ बाण, अग्नि को उस बाण का दण्ड, वैवस्वत यम को पंख, समस्त वेदों को धनुष, गायत्री को श्रेष्ठ धनुष की डोरी तथा ब्रह्मा को सारथि बनाकर तथा उन सबको उनके-अपने कार्य के अनुसार नियुक्त करके, उस तीन पर्वतों तथा तीन बाणों से युक्त बाण से उन तीनों नगरों को बींध डाला।
On his saying so, Lord Shiva accepted his request by saying 'Tathastu' and making Lord Vishnu the best arrow, Agni the shaft of that arrow, Vaivasvat Yama the feather, all the Vedas the bow, Gayatri the best bowstring and Brahma the charioteer and appointing all of them to their respective tasks as per their respective tasks, he pierced those three cities with that arrow which had three mountains and three shafts.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥