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आपश्चुक्षुभिरे चैव चकम्पे च वसुन्धरा।
व्यद्रवन् गिरयश्चापि द्यौ: पफाल च सर्वश:॥ १५॥
अनुवाद
समुद्रों का जल व्याकुल हो गया, पृथ्वी काँपने लगी, पर्वत पिघलने लगे और आकाश सब ओर से फटा हुआ प्रतीत होने लगा ॥15॥
The waters of the oceans became agitated, the earth began to tremble, the mountains began to melt and the sky seemed to be torn apart from all sides. ॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥