Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.180.55-56h: हे कुन्तीपुत्र! हे प्रभु! इसी प्रकार तुम भी सदैव मधुर वचन बोलकर तथा नाना प्रकार के दान देकर भाग्यशाली ब्राह्मणों का पूजन करो। | mahabharat अध्याय 13.180: श्रीकृष्णका प्रद्युम्नको ब्राह्मणोंकी महिमा बताते हुए दुर्वासाके चरित्रका वर्णन करना और यह सारा प्रसंग युधिष्ठिरको सुनाना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे कुन्तीपुत्र! हे प्रभु! इसी प्रकार तुम भी सदैव मधुर वचन बोलकर तथा नाना प्रकार के दान देकर भाग्यशाली ब्राह्मणों का पूजन करो।
Lord! O son of Kunti! In the same way you should also always worship the fortunate Brahmins by speaking sweet words and giving various kinds of donations. 55 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥