Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.180.43: मधुसूदन! तुमने अपने शरीर के सभी अंगों पर खीर का लेप किया है, इसलिए चोट लगने पर भी तुम्हें मृत्यु का भय नहीं रहेगा। अच्युत! तुम जब तक चाहोगे, तब तक यहाँ अमर रहोगे। ॥43॥ | mahabharat अध्याय 13.180: श्रीकृष्णका प्रद्युम्नको ब्राह्मणोंकी महिमा बताते हुए दुर्वासाके चरित्रका वर्णन करना और यह सारा प्रसंग युधिष्ठिरको सुनाना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मधुसूदन! तुमने अपने शरीर के सभी अंगों पर खीर का लेप किया है, इसलिए चोट लगने पर भी तुम्हें मृत्यु का भय नहीं रहेगा। अच्युत! तुम जब तक चाहोगे, तब तक यहाँ अमर रहोगे। ॥43॥
Madhusudana! You have applied kheer on all your body parts, you will not fear death even if you get hurt. Achyuta! You will remain immortal here as long as you wish. ॥ 43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥