Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.180.34: जब महाबली दुर्वासा इस रथ पर सवार होकर यात्रा कर रहे थे, तो बेचारी रुक्मिणी रास्ते में लड़खड़ाकर गिर पड़ीं। लेकिन ऋषि दुर्वासा यह सहन नहीं कर सके। उन्होंने तुरंत रुक्मिणी को कोड़े मारने शुरू कर दिए। | mahabharat अध्याय 13.180: श्रीकृष्णका प्रद्युम्नको ब्राह्मणोंकी महिमा बताते हुए दुर्वासाके चरित्रका वर्णन करना और यह सारा प्रसंग युधिष्ठिरको सुनाना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब महाबली दुर्वासा इस रथ पर सवार होकर यात्रा कर रहे थे, तो बेचारी रुक्मिणी रास्ते में लड़खड़ाकर गिर पड़ीं। लेकिन ऋषि दुर्वासा यह सहन नहीं कर सके। उन्होंने तुरंत रुक्मिणी को कोड़े मारने शुरू कर दिए।
While the fierce Durvasa was travelling in this chariot, poor Rukmini stumbled and fell on the way. But the sage Durvasa could not tolerate this. He immediately started whipping her.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥