Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.180.3: कुरुनन्दन! बहुत समय पहले की बात है, एक दिन ब्राह्मणों ने मेरे पुत्र प्रद्युम्न को क्रोधित कर दिया। उस समय मैं द्वारका में था। प्रद्युम्न ने आकर मुझसे पूछा-॥3॥ | mahabharat अध्याय 13.180: श्रीकृष्णका प्रद्युम्नको ब्राह्मणोंकी महिमा बताते हुए दुर्वासाके चरित्रका वर्णन करना और यह सारा प्रसंग युधिष्ठिरको सुनाना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्वारवत्यां समासीनं पुरा मां कुरुनन्दन।
प्रद्युम्न: परिपप्रच्छ ब्राह्मणै: परिकोपित:॥ ३॥
अनुवाद
कुरुनन्दन! बहुत समय पहले की बात है, एक दिन ब्राह्मणों ने मेरे पुत्र प्रद्युम्न को क्रोधित कर दिया। उस समय मैं द्वारका में था। प्रद्युम्न ने आकर मुझसे पूछा-॥3॥
Kurunandan! It happened long ago, one day the Brahmins angered my son Pradyumna. At that time I was in Dwarka. Pradyumna came and asked me -॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥