Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.180.16: जब ब्राह्मण देवता यहाँ आये थे, तब वे धर्मशालाओं और चौराहों पर यह कथा गाते फिरते थे कि, 'मुझ ब्राह्मण दुर्वासा का अपने घर में आदरपूर्वक स्वागत कौन करेगा?'16 | mahabharat अध्याय 13.180: श्रीकृष्णका प्रद्युम्नको ब्राह्मणोंकी महिमा बताते हुए दुर्वासाके चरित्रका वर्णन करना और यह सारा प्रसंग युधिष्ठिरको सुनाना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब ब्राह्मण देवता यहाँ आये थे, तब वे धर्मशालाओं और चौराहों पर यह कथा गाते फिरते थे कि, 'मुझ ब्राह्मण दुर्वासा का अपने घर में आदरपूर्वक स्वागत कौन करेगा?'16
When the Brahmin god had come here, he used to go around singing this story in the Dharamshalas and on the crossroads, 'Who will welcome me, the Brahmin Durvasa, into his home with respect?' 16
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥