Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.18.98: 561 कपिल:—कपिल वर्ण, 562 कपीश:—पीला वर्ण, 563 शुक्ल:—श्वेत वर्ण, 564 आयु:—प्राण रूप, 565 पार:—प्राचीन, 566 अपर:—अर्वाचीन, 567 गंधर्व:—चित्ररथ आदि गंधर्व रूप, 568 अदिति:—देवमाता अदिति रूप, 569 तार्क्ष्यः—विनतानन्दन। गरुड़रूप, 570 सुविज्ञेय:—आसानी से जानने योग्य, 571 सुशरद:—अच्छे वचन बोलने वाला। 98॥   |   mahabharat अध्याय 13.18: शिवसहस्रनामस्तोत्र और उसके पाठका फल   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 18: शिवसहस्रनामस्तोत्र और उसके पाठका फल  »  श्लोक 98
 
 
श्लोक  13.18.98 
कपिल: कपिश: शुक्ल आयुश्चैव परोऽपर:।
गन्धर्वो ह्यदितिस्तार्क्ष्य: सुविज्ञेय: सुशारद:॥ ९८॥
 
 
अनुवाद
561 कपिल:—कपिल वर्ण, 562 कपीश:—पीला वर्ण, 563 शुक्ल:—श्वेत वर्ण, 564 आयु:—प्राण रूप, 565 पार:—प्राचीन, 566 अपर:—अर्वाचीन, 567 गंधर्व:—चित्ररथ आदि गंधर्व रूप, 568 अदिति:—देवमाता अदिति रूप, 569 तार्क्ष्यः—विनतानन्दन। गरुड़रूप, 570 सुविज्ञेय:—आसानी से जानने योग्य, 571 सुशरद:—अच्छे वचन बोलने वाला। 98॥
 
561 Kapil:—Kapil Varna, 562 Kapish:—Yellow complexioned, 563 Shukla:—White complexioned, 564 Ayu:—Life form, 565 Par:—Ancient, 566 Upper:—Arvachina, 567 Gandharva:—Chitrarath Adi Gandharva form, 568 Aditi:—Devmata Aditi form, 569 Tarkshya:—Vinatanandan. Garudroop, 570 Suvigyeya:—capable of being known easily, 571 Susharad:—one who speaks good words. 98॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)