Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.18.58: 229 शिखि - शिखाधारी गृहस्थ, 230 मुंडी - शिखा रहित संन्यासी, 231 जाति - केशधारी वानप्रस्थ, 232 ज्वाली - ब्रह्मचारी जो जलती हुई लौ में समिधा अर्पित करता है, 233 मुर्तिजा - शारीरिक रूप से प्रकट, 234 मुर्दागाह - सहस्रार चक्र में वस्तुनिष्ठ रूप से मौजूद, 235 बाली-बलिष्ठ, 236 श्री कृष्ण जो लीला करते हैं वेणवी-वंशी, 237 पणवी-पनव नामक वाद्य बजाने वाली, 238 ताली बजाने वाली, 239 खली-खलिहान का स्वामी, 240 काल-कटंकट:-यमराज की माया को ढकने वाली। 58॥ | mahabharat अध्याय 13.18: शिवसहस्रनामस्तोत्र और उसके पाठका फल । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
229 शिखि - शिखाधारी गृहस्थ, 230 मुंडी - शिखा रहित संन्यासी, 231 जाति - केशधारी वानप्रस्थ, 232 ज्वाली - ब्रह्मचारी जो जलती हुई लौ में समिधा अर्पित करता है, 233 मुर्तिजा - शारीरिक रूप से प्रकट, 234 मुर्दागाह - सहस्रार चक्र में वस्तुनिष्ठ रूप से मौजूद, 235 बाली-बलिष्ठ, 236 श्री कृष्ण जो लीला करते हैं वेणवी-वंशी, 237 पणवी-पनव नामक वाद्य बजाने वाली, 238 ताली बजाने वाली, 239 खली-खलिहान का स्वामी, 240 काल-कटंकट:-यमराज की माया को ढकने वाली। 58॥
229 Shikhi - crested householder, 230 Mundi - crestless sannyasi, 231 Jati - haired Vanaprastha, 232 Jwali - celibate who offers Samidha in the burning flame, 233 Murtijah - manifesting physically, 234 Murddhagah - objectively present in Sahasrara Chakra, 235 Bali-Balishtha, 236 Shri Krishna who plays Venavi-Vanshi, 237 Panavi-one who plays the instrument named Panav, 238 One who gives clap-beat, 239 Khali-Lord of the barn, 240 Kaal-Katankat:-One who covers the illusion of Yamraj. 58॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥