महारूपो महाकायो वृषरूपो महायशा:।
महात्मा सर्वभूतात्मा विश्वरूपो महाहनु:॥ ३५॥
अनुवाद
38 महारूप:—महान रूप वाले, 39 महाकाय:—विराटरूप, 40 वृषरूप:—धर्मस्वरूप, 41 महायश:—महान यश, 42 महात्मा—,43 सर्वभूतात्मा—सम्पूर्ण भूतों की आत्मा, 44 विश्वरूप:—जिनका स्वरूप सम्पूर्ण जगत् है, 45 महाहनु:—विशाल ठोड़ी वाले । 35॥
38 Maharoop:—one with great form, 39 Mahakay:—Viratrup, 40 Vrisharoop:—Dharmaswarup, 41 Mahayasha:—great fame, 42 Mahatma—,43 Sarvbhutatma—soul of all the ghosts, 44 Vishvarup:—whose form is the entire world, 45 Mahahanu:—one with huge chin. 35॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥