| श्री महाभारत » पर्व 13: अनुशासन पर्व » अध्याय 18: शिवसहस्रनामस्तोत्र और उसके पाठका फल » श्लोक 25-30 |
|
| | | | श्लोक 13.18.25-30  | ब्रह्मणामपि यद् ब्रह्म पराणामपि यत् परम्॥ २५॥
तेजसामपि यत् तेजस्तपसामपि यत् तप:।
शान्तानामपि य: शान्तो द्युतीनामपि या द्युति:॥ २६॥
दान्तानामपि यो दान्तो धीमतामपि या च धी:।
देवानामपि यो देव ऋषीणामपि यस्त्वृषि:॥ २७॥
यज्ञानामपि यो यज्ञ: शिवानामपि य: शिव:।
रुद्राणामपि यो रुद्र: प्रभा प्रभवतामपि॥ २८॥
योगिनामपि यो योगी कारणानां च कारणम्।
यतो लोका: सम्भवन्ति न भवन्ति यत: पुन:॥ २९॥
सर्वभूतात्मभूतस्य हरस्यामिततेजस:।
अष्टोत्तरसहस्रं तु नाम्नां शर्वस्य मे शृणु।
यच्छ्रुत्वा मनुजव्याघ्र सर्वान् कामानवाप्स्यसि॥ ३०॥ | | | | | | अनुवाद | | जो वेदों में भी वेद हैं, श्रेष्ठतम वस्तुओं में भी श्रेष्ठ हैं, तेजों में भी तेज हैं, तपों में भी तप हैं, शान्त पुरुषों में भी शान्त हैं, तेजस्वी हैं, इन्द्रियों में भी जीते हुए हैं, बुद्धिमानों में भी बुद्धि हैं, देवताओं के भी देवता हैं, मुनियों के भी ऋषि हैं, यज्ञों के भी यज्ञ हैं, कल्याणों के भी कल्याण हैं, रुद्रों के भी रुद्र हैं, प्रभावशाली देवताओं के भी तेज हैं, योगियों के भी योगी हैं और कारणों के भी कारण हैं, जिनसे सम्पूर्ण लोक उत्पन्न होते हैं और फिर उन्हीं में लीन हो जाते हैं, जो सम्पूर्ण प्राणियों के आत्मा हैं, उन अनन्त तेजोमय भगवान शिव के एक हजार आठ नामों का वर्णन मुझसे सुनो। हे पुरुषसिंह! इसके सुनने मात्र से ही तुम अपनी समस्त कामनाओं को प्राप्त कर लोगे।॥25-30॥ | | | | Who is the Veda of Vedas, the best of the best things, the brilliance of the brilliance, the austerity of austerities, the most peaceful of the peaceful men, the brilliance of the radiant, the most conquered of the senses, the intellect of the intelligent, the god of gods, the sage of sages, the yajna of yajnas, the welfare of welfares, the Rudra of Rudras, the glory of the influential gods, the Yogi of Yogis and the cause of causes, from whom all the worlds are born and then merge into Him, who is the soul of all beings, listen to the description of the one thousand and eight names of that infinitely radiant Lord Shiva from me. Purushsingh! Just by listening to this you will achieve all your desires.॥25-30॥ | | ✨ ai-generated | | |
|
|