श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 18: शिवसहस्रनामस्तोत्र और उसके पाठका फल  »  श्लोक 176
 
 
श्लोक  13.18.176 
मृत्यु: प्रोवाच रुद्रेभ्यो रुद्रेभ्यस्तण्डिमागमत्।
महता तपसा प्राप्तस्तण्डिना ब्रह्मसद्मनि॥ १७६॥
 
 
अनुवाद
मृत्यु ने ग्यारह रुद्रों को इसका उपदेश दिया। तण्डि ने रुद्रों से इसे प्राप्त किया। तण्डि ने ब्रह्मलोक में ही घोर तपस्या करके इसे प्राप्त किया था। 176.
 
Mrityu preached this to the eleven Rudras. Tandi received it from the Rudras. Tandi had received it after performing great penance in Brahmaloka itself. 176.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)