910 कला:, 911 काष्ठा:, 912 लव:, 913 मात्रा:—(आदि कलावायव रूप), 914 मुहूर्त: क्षप:—मुहूर्त, दिन और रात रूप, 915 क्षण:—क्षण रूप, 916 विश्वक्षेत्रम्—ब्रह्माण्ड रूपी वृक्ष का आधार, 917 प्रजाबीजम्—विषयों का कारण रूप, 918 लिंगम- महत्तत्त्व रूप, 919 अद्यो निरागम: सबसे पहले प्रकट होने वाले। 142॥
910 Kala:, 911 Kashta:, 912 Lava:, 913 Matra:—(etc. Kalavayava form), 914 Muhurtah: Kshapa:—Muhurta, day and night form, 915 Kshana:—moment form, 916 Vishwakshetram—base of the tree in the form of the universe, 917 Prajabeejam—reason form of the subjects, 918 Lingam—mahatattva form, 919 Adyo Niragam: The first to appear. 142॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥