श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 18: शिवसहस्रनामस्तोत्र और उसके पाठका फल  »  श्लोक 141
 
 
श्लोक  13.18.141 
व्यास: सर्ग: सुसंक्षेपो विस्तर: पर्ययो नर:।
ऋतु: संवत्सरो मास: पक्ष: संख्यासमापन:॥ १४१॥
 
 
अनुवाद
902 व्यास:—पुराण-इतिहास आदि के रचयिता। संख्या पूर्णाहुति:- पूर्वोक्त ऋतुओं आदि की संख्या समाप्त करने वाले पर्व (संक्रान्ति, दर्श, पूर्णमासादि) का रूप ॥141॥
 
902 Vyas:—the creator of Puranas-History etc. Number Completion:- Form of festival (Sankranti, Darsh, Purnamasaadi) which ends the number of the aforesaid seasons etc. 141॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)