श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 179: भीष्मजीके द्वारा भगवान‍् श्रीकृष्णकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  13.179.34 
रुद्रादित्या वसवोऽथाश्विनौ च
साध्याश्च विश्वे मरुतां गणाश्च।
प्रजापतिर्देवमातादितिश्च
सर्वे कृष्णादृषयश्चैव सप्त॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
रुद्र, आदित्य, वसु, अश्विनी कुमार, साध्य, विश्वेदेव, मरुद्गण, प्रजापति, देवमाता अदिति और सप्तर्षि- ये सभी श्रीकृष्ण से ही प्रकट हुए हैं। 34॥
 
Rudra, Aditya, Vasu, Ashwini Kumar, Sadhya, Vishvedev, Marudgan, Prajapati, Devmata Aditi and Saptarshi - all of them have appeared from Shri Krishna. 34॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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