श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 179: भीष्मजीके द्वारा भगवान‍् श्रीकृष्णकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  13.179.30 
वेदांश्च यो वेदयतेऽधिदेवो
विधींश्च यश्चाश्रयते पुराणान्।
कामे वेदे लौकिके यत्फलं च
विष्वक्सेन: सर्वमेतत् प्रतीहि॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
वे देवों के देव होने पर भी वेदों का अध्ययन करते हैं और प्राचीन अनुष्ठानों का पालन करते हैं। लौकिक और वैदिक कर्मों का फल सब कृष्ण ही हैं, ऐसा विश्वास करो।॥30॥
 
Even though he is the god of gods, he studies the Vedas and follows ancient rituals. The result of worldly and Vedic deeds is all Krishna, believe this. ॥ 30॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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