Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.179.28: इन्हीं वसुदेव ने अनेक नदियों को पार किया था और इंद्र को तब परास्त किया था जब वह अपने वज्र से प्रहार करने को तत्पर थे। ये महेंद्र के रूप हैं। ब्राह्मण बड़े-बड़े यज्ञों में हजारों प्राचीन स्तोत्रों में इनकी स्तुति गाते हैं। | mahabharat अध्याय 13.179: भीष्मजीके द्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इन्हीं वसुदेव ने अनेक नदियों को पार किया था और इंद्र को तब परास्त किया था जब वह अपने वज्र से प्रहार करने को तत्पर थे। ये महेंद्र के रूप हैं। ब्राह्मण बड़े-बड़े यज्ञों में हजारों प्राचीन स्तोत्रों में इनकी स्तुति गाते हैं।
This same Vasudeva had crossed many rivers and defeated Indra with the intention of killing him when he was ready to strike with his thunderbolt. He is the form of Mahendra. Brahmins sing his praises in thousands of old hymns in big sacrifices.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥